जासं, इलाहाबाद : खुल्दाबाद स्थित राजकीय बालगृह के नौ मासूमों की 50 दिन में हुई मौत के मामले में गुरुवार सुबह दस बजे राज्य महिला आयोग की सदस्य अनामिका चौधरी मौके पर पहुंचीं। उनके पहुंचने पर वहां कई कर्मचारी नहीं आए थे। इस पर उन्होंने गैरहाजिर स्टॉफ को हिदायत दी।

आयोग की सदस्य अनामिका चौधरी ने बताया कि मासूमों की मौत के बाद शहरियों के आक्रोश को देखते हुए वह बालगृह पहुंचीं। सबसे पहले उन्होंने कर्मचारी उपस्थित रजिस्टर की जांच की। कई कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने पर उन्होंने अधीक्षक से जवाब तलब किया। उन्होंने अधीक्षक रामकृष्ण अवस्थी से बच्चों की मौत के मामले की रिपोर्ट ली। उसके बाद सभी कमरों में जाकर बच्चों को देखा। आया से पूछने पर बच्चों को दूध चम्मच से पिलाने की बात स्वीकारी। अनामिका ने बताया कि असमय काल के गाल में समाए बच्चे संक्रमण के शिकार हुए थे। कई बच्चे तो कुपोषण और गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। अधीक्षक से कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसकी तैयारी रहनी चाहिए। एक-दूसरे पर दोषारोपण से समस्या का समाधान नहीं होगा। राजकीय बालगृह व स्वास्थ्य विभाग आपस में मिलकर समस्या का समाधान निकाले। कहा कि मामले की रिपोर्ट अध्यक्ष राज्य महिला आयोग को कुछ सुझावों के साथ भेजी जाएगी। उन्होंने राजकीय बालिका निकेतन व महिला शरणालय का भी संस्था प्रभारी शोभारानी को साथ लेकर निरीक्षण किया। कुछ हिदायत व सुझाव देकर पुन: आने की बात कही।

——-

सपा अल्पसंख्यक सभा ने की कार्रवाई की मांग

सपा अल्पसंख्यक सभा ने राजकीय बालगृह में नौ मासूमों की मौत में दोषी लोगों को बचाने का आरोप लगाया है। सभा के जिलाध्यक्ष मो. इसराइल ने कहा कि निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उपाध्यक्ष मशहद अली खां ने कहा कि दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने पर सपा आंदोलन करेगी।

———

महिला शरणालय की मॉनीट¨रग को विशेष सेल

राजकीय बालिका निकेतन और महिला शरणालय की संवासिनियों की सुरक्षा के लिए अब स्पेशल सेल का गठन होगा। इसमें सीडीओ, एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट और एक महिला मजिस्ट्रेट को रखा गया है। प्रत्येक सप्ताह सेल के एक सदस्य की ओर से राजकीय शिशु गृह और महिला शरणालय में औचक निरीक्षण किया जाएगा। डीएम सुहास एलवाई ने बताया कि महिला शरणालय में संवासिनियों की संख्या क्षमता से ज्यादा है। यहां 50 संवासिनियों को रखने की क्षमता है जबकि वर्तमान में 85 संवासिनियां और उनके 10 बच्चे भी हैं।

——-

चिल्ड्रेन अस्पताल में मिलीं गड़बडि़यां

सोरांव विधायक डॉ. जमुना प्रसाद सरोज ने गुरुवार को सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय (चिल्ड्रेन) का औचक निरीक्षण किया। उन्हें अस्पताल में तमाम गड़बड़ियां मिलीं। वॉटर कूलर के पास गंदगी का ढेर लगा था, जिससे बदबू आ रही थी। इमरजेंसी वार्ड में एक बेड पर दो-तीन बच्चे भर्ती किए गए थे। चिकित्सा प्रभारी डॉ. अनुभा श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि हर शिफ्ट में पांच-पांच के हिसाब से 15 सफाईकर्मियों की जरूरत है, लेकिन सिर्फ पांच सफाईकर्मी पूरे अस्पताल की सफाई व्यवस्था देख रहे हैं। अस्पताल में सुरक्षा के भी इंतजाम नहीं थे। विधायक ने उपस्थिति पंजिका की भी जांच की।

—-

बालगृह के दो और मासूम बेहोश, अस्पताल में भर्ती

खुल्दाबाद स्थित राजकीय बालगृह के दो और मासूमों की गुरुवार देर रात अचानक हालत बिगड़ गई। तेज बुखार के साथ ही उनके शरीर में एठन थी। दोनों बेहोश हुए तो फौरन एंबुलेंस से उन्हें सरोजनी नायडू राजकीय बाल चिकित्सालय ले जाया गया।

बालगृह के नौ बच्चों की 50 दिन में मौत हो चुकी है। ये बच्चे गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। इन्हें चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बच्चों की मौत के बाद शहर के लोगों में उबाल है। लोगों का आरोप है कि लापरवाही के कारण इन बच्चों की मौत हुई है। मामले में उच्चस्तरीय कमेटी जांच कर रही है। दो दिन पहले कमेटी जांच के लिए बालगृह भी पहुंची थी। कमेटी की ओर से जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। बताते हैं कि कमेटी ने मृत सभी बच्चों की मेडिकल फाइल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच एसआरएन हॉस्पिटल के विशेषज्ञों से कराने को कहा है। दूसरी ओर इसी बालगृह के दो बच्चों की हालत गुरुवार रात अचानक बिगड़ गई। इसमें आरव (चार माह) व हरीश (तीन माह) शामिल हैं। दोनों की हालत गंभीर होने पर एबुंलेंस बुलाई गई और उन्हें चिल्ड्रेन अस्पताल भेजा गया। अधीक्षक रामकृष्ण अवस्थी ने बताया कि दोनों बच्चे तेज बुखार से पीड़ित थे। आरव वाराणसी से कुपोषित हालत में आया था।

By Jagran