भारत के आम की एक प्रजाति पर पाकिस्तान ने ठोंका दावा, जारी किया डाक टिकट

भारत के आम की एक प्रजाति पर पाकिस्तान ने ठोंका दावा, जारी किया डाक टिकटभारत के आम की एक प्रजाति पर पाकिस्तान ने ठोंका दावा, जारी किया डाक टिकट

अलीगढ़ । भारत की सीमा पर लगातार सीज फायर का उल्लंघन करने के साथ ही कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाने वाला पाकिस्तान अब भारत में सेंध लगा चुका है। कश्मीर पर लगातार नापाक नजर रखने वाले पाकिस्तान ने भारत के बेहद लोकप्रिय फल आम की एक प्रजाति पर भी दावा ठोंक दिया है। इतना ही नहीं इस प्रजाति के आम पर डाक टिकट भी जारी कर दिया है।

देश के बंटवारे के बाद से ही भारत के खिलाफ नफरत रखने वाला पड़ोसी पाकिस्तान किसी भी मौके से नहीं चूक रहा है। जमीन, जल व हवा सभी पर विवाद खड़ा कर रखा है। उसकी नजर अब भारत के फलों पर भी है। जिस आम पर पाकिस्तान ने अपना दावा ठोका है, वह बागपत के रटौल में पैदा किया जाता है। 

इस आम की प्रजाति को रटौल नाम दिया गया। इसके कारण पहली बार दोनों देशो के बीच मैंगो डिप्लोमेसी की शुरुआत की गई। जब पाकिस्तान के तत्कालीन शासक जनरल जिया उल हक ने भारत में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी को इस आम की पेटी भेजी। इसे अपने देश का सबसे बढिय़ा आम बताया। दो वर्ष पहले पाकिस्तान ने इस आम की प्रजाति पर डाक टिकट भी जारी कर दिया, जबकि भारत ने विरोध किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पाए जाने वाले रटौल आम की प्रजाति बागपत के गांव रटौल की है। यह स्थान मैंगो बेल्ट के रूप में जाना जाता है। 

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आजादी से पहले इसी गांव के निवासी अनवार उल हक ने आम की नई प्रजाति विकसित की, जो काफी फलदार साबित हुई। गांव के नाम पर इसका नाम रटौल रख दिया गया। रटौल आम धीरे-धीरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय हो गया। 

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कैसे पाकिस्तान पहुंचा रटौल

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की उर्दू अकादमी में डायरेक्टर डॉ. राहत अबरार रटौल के मूल निवासी हैं। राहत अबरार बताते हैं कि बंटवारे के बाद उनके पिताजी इसरार उल हक भारत में रह गए, जबकि पिताजी के भाई अबरार उल हक पाकिस्तान चले गए। अपने साथ रटौल आम के कुछ पौधे भी ले गए। अबरार उल हक मुल्तान के बहावलपुर एरिया में बस गए और वहां रटौल आम के पौधे लगाए। इसका नाम अपने पिता अनवार उल हक की याद में अनवर रटौल रखा, आज यह आम पाकिस्तान में मशहूर है। 

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उन्होंने बताया कि 1936 में नवाब अहमद सईद खान ऑफ छतारी इस्टेट इस आम को लंदन की मैंगो प्रदर्शनी में ले गए, जहां बेस्ट मैंगो ऑफ द वल्र्ड का खिताब मिला।

रटौल आम के नाम पाकिस्तान में जारी डाक टिकट 

पाकिस्तान ने बागपत के रटौल में पाए जाने वाले आम के नाम पर डाक टिकट भी जारी कर दिया है। दो वर्ष पहले पाकिस्तान ने इस आम की प्रजाति पर डाक टिकट भी जारी कर दिया, जबकि भारत ने विरोध किया।