अलीगढ़ : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में विद्यार्थी अब बोर्ड पर लिखी कुरान की आयतें पढ़कर नेक रास्ते पर चलने की सीख लेंगे। इसके लिए एएमयू परिसर में तीस पोल लगाए जा रहे हैं। इन पर कुरान की आयतें लिख कर लगाई जाएंगी, हालांकि यूनिवर्सिटी का नया शैक्षणिक सत्र अभी शुरू नहीं हुआ है। एएमयू इंतजामिया इस कार्य को शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले काम को तेजी से पूरा करना में जुटा हुआ है।

एएमयू में पाकिस्तान जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर माहौल गरमा गया था। जैसे-तैसे माहोल कुछ शांत हुआ तो आरक्षण ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया। अभी एएमयू में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है। आवासीय हॉल खाली हैं। छात्र-छात्राएं परिसर में मौजूद नहीं है। परिसर के तीस पोलों पर कुरान की आयतें लिख कर लगाई जाएंगी। एएमयू इंतजामिया पोल पर कुरान की आयतें लिखने का काम तेजी से पूरा करने में जुटा हुआ है। यह बात सही है कि एएमयू में ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के विद्यार्थी पढ़ते हैं, लेकिन सभी धर्मो के विद्यार्थी पढ़ते हैं। विद्यार्थी परिसर में मौजूद होते तो विवाद हो सकता है। इसलिए एएमयू इंतजामिया तेजी से काम पूरा करने में जुटा हुआ है।

खास बात यह है कि एएमयू के गेट पर लगे यूनिवर्सिटी के बैज, स्ट्रीट पोल पर लिखे गए कुरान के कोट्स को लेकर बुद्धजीवियों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एएमयू के एक प्रोफेसर ने बताया कि ये मदरसा नहीं है बल्कि एक केंद्रीय यूनिवर्सिटी है, इसलिए ऐसा इसमें नहीं होना चाहिए। एएमयू परिसर में कुछ लोग कट्टरवादी सोच के प्रति काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों ने इस्लाम धर्म को संकुचित कर के रख दिया है। इस बारे में एएमयू जनसंपर्क विभाग के मेंबर इंचार्ज प्रोफेसर साफे किदवई ने बताया कि कुरान की आयतों के अलावा एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खान सहित अन्य महापुरुष व सभी धार्मिक ग्रंथों से भी कोट लिए जाएंगे। इसलिए इसमें कोई विवाद नहीं होगा।

By Jagran