EXCLUSIVE: जानें जम्‍मू-कश्‍मीर में गठबंधन से क्‍यों बाहर आई भाजपा, छोड़ा पीडीपी का साथ

नई दिल्ली [स्पेशल डेस्क]। जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी की गठबंधन वाली सरकार गिर चुकी है। मंगलवार को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है। भाजपा नेता राम माधव ने अन्य नेताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इसकी पुष्टि कर दी है। भाजपा ने राज्यपाल को भी समर्थन वापसी की चिट्ठी सौंप दी है। इसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि महबूबा मुफ्ती आज शाम तक अपने पद से इस्तीफा दे सकती हैं लेकिन इससे पहले उन्होंने शाम 4 बजे पीडीपी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है।

कश्मीर में भाजपा-पीडीपी का गठबंधन टूटा
राम माधव ने प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान बताया कि जम्‍मू-कश्‍मीर में अब पीडीपी के साथ मिलकर सरकार चलाना संभव नहीं है। एक विशेष बैठक के दौरान ये फैसला लिया गया कि पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया जाए। पीडीपी-बीजेपी गठबंधन को लेकर आगे चलना संभव नहीं होगा। उन्‍होंने कहा कि जनता के जनादेश को ध्यान में रखकर हमने जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार चलाने का निर्णय लिया था, लेकिन अब जम्मू-कश्मीर में फ्रीडम ऑफ स्पीच खतरे में है।

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भाजपा के महासचिव और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी राम माधव ने कहा, 'हम खंडित जनादेश में साथ आए थे। लेकिन मौजूदा समय के आकलन के बाद इस सरकार को चलाना मुश्किल हो गया था। महबूबा मुफ्ती हालात संभालने में नाकाम साबित हुईं। हम एक एजेंडे के तहत सरकार बनाई थी। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर सरकार की हर संभव मदद की।

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महबूबा सरकार के काम से खुश नहीं अमित शाह
जम्मू कश्मीर में तेज विकास, पारदर्शी प्रशासन के लक्ष्य के साथ पीडीपी से गठजोड़ करने वाली भाजपा हाईकमान, महबूबा सरकार के कश्मीर केंद्रित रवैये से नाराज है। ऐसे हालात में कड़े तेवर दिखाते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता व मंत्रियों को अचानक दिल्ली तलब कर लिया है।

राज्य में पार्टी ने संसदीय चुनाव की तैयारियों को तेजी देने की मुहिम चलाई है, ऐसे में पीडीपी ने अपने काम करने के तरीके में बदलाव न लाया तो भाजपा के लिए जम्मू संभाग में लोगों के बीच जाना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में भाजपा के लिए कोई बड़ा फैसला करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। भाजपा अपने राजनीतिक भविष्य की बेहतरी के लिए कोई ठोस कदम उठा सकती है।

सरकार के एकतरफा फैसलों का भाजपा के आधार क्षेत्र जम्मू में विपरीत प्रभाव हो रहा है। इन हालात में अमित शाह मंगलवार को दिल्ली में प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों के साथ बैठक में राजनीतिक हालात, सरकार के कामकाज संबंधी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

अमित शाह की बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा क्योंकि उन्होंने जम्मू दौरे से ठीक चार दिन पहले नेताओं, मंत्रियों को दिल्ली तलब कर संकेत दिया है कि मामला गंभीर है।

By Sanjay Pokhriyal