भीमा कोरेगांव हिंसा के मुकदमे वापस लेगी महाराष्ट्र सरकार

मुंबई, प्रेट्र। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने पुणे जिले में इस वर्ष एक जनवरी को हुई भीमा कोरेगांव हिंसा से संबंधित मामले वापस लेने की घोषणा की है। लेकिन गंभीर मामले वापस नहीं लिए जाएंगे। विधान परिषद में मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा के दौरान 13 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। इस नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों पर गंभीर और राजनीतिक अपराध दर्ज हैं उनके खिलाफ एडीजी स्तर की एक समिति जांच करेगी।

फड़नवीस ने कहा, 'अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) (कानून एवं व्यवस्था) के तहत हम एक समिति गठित करेंगे। यह समिति इस मामले के दौरान हुए गंभीर अपराधों की जांच करेगी। यह समिति मंत्रिमंडल की उप समिति को अपनी सिफारिश सौंपेगी। इसके बाद यह फैसला लिया जाएगा कि गंभीर मामलों को भी वापस लिया जा सकता है या नहीं। समिति तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।'

क्या है कोरेगांव विवाद?

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भीमा-कोरेगांव की लड़ाई में ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना ने पेशवा की सेना को हराया था। दलित नेता उसी ब्रिटिश जीत का जश्न मनाते हैं। तब अछूत समझे जाने वाले महार समुदाय के सैनिक ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना की ओर से लड़े थे। पुणे में कुछ दक्षिणपंथी समूहों ने इस 'ब्रिटिश जीत' का जश्न मनाने का विरोध किया था।

By Manish Negi