पहले चीन अंतरराष्ट्रीय फैसलों को नकारता था, अब पाकिस्तान: तिब्बती सांसद

पहले चीन अंतरराष्ट्रीय फैसलों को नकारता था, अब पाकिस्तान: तिब्बती सांसदपहले चीन अंतरराष्ट्रीय फैसलों को नकारता था, अब पाकिस्तान: तिब्बती सांसद तिब्बती संसद के डिप्टी स्पीकर ने कहा कि जाधव मामले पर पाकिस्तान चीन की राह पर चल रहा है।

धर्मशाला । पाकिस्तान में मौत की सजा का सामना कर रहे भारत के कुलभूषण जाधव मामले में तिब्बती संसद के डिप्टी स्पीकर आचार्य यशी फुंचेक ने पाकिस्तान की आलोचना की है। फुंचेक ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आइसीजे) के निर्णय को सराहनीय बताया है।

पाकिस्तान द्वारा आइसीजे के फैसले को नकारने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने विशेष बातचीत में कहा है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय निर्णयों की अवहेलना कर रहा है। चीन का सहयोग पाकिस्तान को है और ये दोनों देश सच को झुठलाकर मनमानी हमेशा करते आए हैं। चीन पहले से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन नहीं कर रहा है। अब पाकिस्तान उसी राह पर है।

खुशी तो तब होगी, जब जाधव सकुशल लौटेंगे : डॉ. कालिया

कुलभूषण जाधव मामले में राहत मिलने के बाद कारगिल युद्ध में पाक की बर्बरता के शिकार हुए पालमपुर के शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के पिता डॉ. एनके कालिया ने इसे ज्यादा खुशी का पल नहीं बताते। उनका कहना है कि असली खुशी तब होगी जब जाधव सकुशल भारत लौटेंगे।

काश 1971 में होते ऐसे प्रयास : गुलेरी

1971 के भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान द्वारा बंदी बनाए गए धर्मशाला के मेजर सुभाष चंद गुलेरी के भतीजे विवेक गुलेरी का कहना है कि ऐसे प्रयास सरकारों ने पहले किए होते तो शायद आज चाचा हमारे साथ होते। उस समय की सरकार ने पाकिस्तान के करीब 90 हजार युद्ध बंदियों को पाक कौ सौंप दिया था लेकिन पड़ोसी देश ने हमारे 1500 में से सिर्फ आठ-नौ सौ बंदियों को ही भारत भेजा।

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